मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय की बिल्डिंग में बृहस्पतिवार शाम शार्ट सर्किट से आग लग गई। द्वितीय तल स्थित लेखा और मार्ग प्रकाश विभाग से धुआं उठते ही भगदड़ मच गई। आग की चपेट में आकर कई महत्वपूर्ण फाइलें व फर्नीचर जल गया। दमकल विभाग की चार गाड़ियों के साथ पहुंचे कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। महापौर प्रमिला पांडेय ने निरीक्षण के बाद जांच के आदेश दिए हैं। उधर, बागी पार्षदों ने आग लगने में साजिश के आरोप लगाए हैं। नगर निगम मुख्यालय की गोल बिल्डिंग से सटी इमारत के दूसरे तल पर शाम करीब 4:10 बजे धुंआ उठता दिखा। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं। यह देख कर्मचारियों ने इमारत में लगे आग बुझाने वाले संयंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन असफल होते देख कार्यालय छोड़कर भाग निकले। नगर निगम अधिकारियों की सूचना पर फॉयर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया लिया। आग लगने से दूसरे फ्लोर पर धुआं ही धुआं भर गया। आग बढ़ती देख लेखा विभाग के पास के संपत्ति व ऑडिट विभाग को भी खाली करा दिया गया। धुआं के गुबार के बीच ही महापौर प्रमिला पांडेय पहुंचीं और पूरी इमारत का निरीक्षण किया। फायर ब्रिगेड के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट से आग लगी। लेखा और मार्ग प्रकाश विभाग में रखीं दो अलमारियां और फाइलें जली हैं। इस दौरान पार्षद नीरज बाजपेई, विकास जायसवाल, हरीस्वरूप तिवारी, महेंद्र पांडेय पप्पू, आलोक पांडेय, पार्षद पति अर्पित यादव समेत कर्मचारी व यूनियन नेता मौजूद रहे।