कानून का अधिक उल्लंघन उसकी जानकारी के अभाव में होता है। देश में पांच लाख से अधिक लॉ के छात्र-छात्राएं और लगभग छह लाख गांव हैं। अगर एक छात्र एक गांव को गोद लेकर लोगों को कानून की जानकारी दें, तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। यह बातें छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में शुक्रवार को आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ करने आए मुख्य अतिथि व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश राजेश बिंदल ने कहीं।