एमएसएमई-विकास कार्यालय कानपुर की ओर से मंगलवार को दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम और एमएसएमई एक्सपो की शुरुआत कालपी रोड स्थित एमएसएमई-विकास कार्यालय परिसर में की गई। इसमें एमएसएमई इकाइयों सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विभागों के बीच आपसी सहयोग और सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया गया। एमएसएमई इकाइयों 87 से अधिक स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि डीजीक्यूए कानपुर ब्रिगेडियर टी रजनीश ने कहा कि देश की जीडीपी में एमएसएमई क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत योगदान है। रोजगार सृजन में इसकी भागीदारी 62 प्रतिशत तक है। उन्होंने उद्यमियों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। संयुक्त निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने बताया कि सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी कुल खरीद का 25 प्रतिशत सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों से करना अनिवार्य है। इसमें चार प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति और तीन प्रतिशत महिला उद्यमियों की इकाइयों से खरीद शामिल है। संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के उप महाप्रबंधक सुरेश चंद्र मीणा, एलिम्को के उप मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि रंजन, आयुध निर्माणी कानपुर के वर्क्स मैनेजर संजय गुप्ता ने विभिन्न जानकारियां दीं। इस मौके पर सहायक निदेशक अविनाश कुमार, संयुक्त निदेशक अजय बाजपेई आदि मौजूद रहे।