सरैया रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर लगे रेलवे फाटक को बंद करते समय मंगलवार सुबह 11:30 बजे अचानक चक्के का केबल टूट गया जिससे एक छोर का फाटक बंद रहा जबकि दूसरे छोर खुला रह गया। गेटमैन ने इमरजेंसी स्लाइडर बूम लगा दिया और लगातार ट्रेनें निकालता रहा। जिससे सरैया और मरहला मार्ग छोर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस बीच कुछ देर के लिए जैसे ही स्लाइडर बूम हटाकर फिर से बंद करने लगा तो वाहनों के निकलने के कारण अप-डाउन की दो ट्रेनें आउटर सिग्नल पर खड़ी रही। वहीं आरपीएफ के न होने से गेट मैन की कई बार राहगीरों से नोकझोंक भी हुई। ऐसे में तीन घंटे तक सरैया मार्ग पर जाम की स्थिति रही। सरैया रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर लगे रेलवे फाटक को बंद करने के दौरान गंगा बैराज छोर का रेलवे फाटक नहीं खुल सका ऐसे में मार्ग से गुजरने वाला दोनों छोर का यातायात फंस गया। इस बीच ट्रेनें आने की सूचना पर गेट मैन ने इमरजेंसी स्लाइडर बूम लगाकर यातायात को रोका और लगातार ट्रेनें निकालता रहा। इधर मरहला से गंगा बैराज और गंगा बैराज से मरहला की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। धूप के बीच तिलमिलाते हुए कई राहगीर गेट मैन केबिन में पहुंच गए जहां नोकझोंक हो गई। किसी तरह से गेट मैन ने स्लाइडर बूम हटाया तो वाहनों का आवागमन शुरू हुआ इसी बीच दोपहर 1:10 बजे पर लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली राप्तीसागर सुपरफास्ट और कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली साबरमती स्पेशल ट्रेन आ गई लेकिन रेलवे फाटक बंद न होने के कारण दोनों ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो गई। ऐसे में गेट मैन ने वहां से गुजर रहे लोगों की मदद ली और दोनों ओर का यातायात रोक कर इमरजेंसी गेट बूम किसी तरह से बंद किया जिसके बाद ट्रेनें निकली। इस दौरान 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक सरैया मार्ग पर जाम की स्थिति रही। वहीं जाम में दोनों छोर से तीन एंबुलेंस भी फंसी रही जिसमें दो एंबुलेंस में गंभीर मरीज थे दोनों एंबुलेंस को दूसरे मार्गों से निकाला गया। करीब डेढ़ बजे आरपीएफ व रेल कर्मी पहुंचे जिन्होंने टूटी केबल सही की जिसके बाद आरपीएफ ने सिविल पुलिस की मदद से जाम खुलवाया।