मोंठ तहसील क्षेत्र के नेहरूनगर में लोहा पीटा समाज के परिवारों को आवासीय पट्टे तो मिल गए, लेकिन जलभराव और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वे आज भी शाहपुर बस स्टैंड के पास सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं। समाज के धर्मेंद्र, नीलम, राजू सहित कई लोगों ने बताया कि वे वर्षों से शाहपुर बस स्टैंड पर टीन-टप्पर डालकर जीवन यापन कर रहे हैं। तीन-चार वर्ष पूर्व उन्होंने आवासीय पट्टे की मांग की थी। इसके बाद नगर के नेहरू नगर रोड पर करीब सात लोगों को पट्टे आवंटित किए गए। आवंटन की सूचना मिलते ही परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई थी और उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब उनका पक्का घर बनने का सपना साकार होगा। पीड़ितों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उनके नाम सूची में शामिल किए गए हैं और आवश्यक कागजी औपचारिकताएं भी पूरी कराई जा रही हैं। हालांकि जिस जमीन पर पट्टा दिया गया है, वहां चारों ओर पानी भरा रहता है। भूमि दलदली है और न तो वहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनी है और न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था है। ऐसे में आवास निर्माण शुरू करना भी ‘मील का पत्थर’ साबित हो रहा है।