डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा हुए करीब साढ़े चार साल बीत चुके हैं, लेकिन झांसी नोड में अभी भी ज्यादातर प्लॉट खाली पड़े हैं। 20 कंपनियों के साथ करार और जमीन आवंटन के बावजूद केवल तीन इकाइयों में ही निर्माण गतिविधियां नजर आ रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि मानचित्र स्वीकृत होते ही बाकी कंपनियां भी परियोजनाओं पर काम शुरू कर देंगी। प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट को जोड़ते हुए रक्षा औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। झांसी नोड के लिए पहले चरण में झांसी से 70 किमी दूर गरौठा तहसील के एरच कस्बे से सटे छह गांवों में 1034 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस क्षेत्र में रक्षा उपकरणों और सैन्य सामग्री के निर्माण के लिए 20 कंपनियों ने निवेश की रुचि दिखाई है। हालांकि, जमीन आवंटन और करार के बावजूद अब तक केवल रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल), भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की इकाई तथा एक अन्य निजी कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू किया है। शेष कंपनियों की परियोजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं।