नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ जेपी चौरसिया ने बताया कि स्क्रीन पर काम करना आज के समय जरूरी हो गया है। स्क्रीन पर काम करते वक्त कुछ सावधानियां का ध्यान रखा जाए तो आंखों में होने वाली समस्या से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्क्रीन की डिसटेंस 33 सेमी से कम न हो। लैपटाॅप या डेस्कटॉप का जो टाॅप लेवल है वह सिर से नीचे रहना चाहिए। काम करते समय आंखों को बार-बार ब्लिंक करना अर्थात पलकों झपकाते रहना चाहिए। बीच-बीच में कम्प्यूटर पर काम करते समय ब्रेक लेना बेहद जरूरी है। लगातार काम करने से बचना चाहिए। आंखों के सामने व साइड से एसी या लाइट न हो। वहीं, उन्होंने खासकर बच्चों को मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी है। डॉ चौरसिया ने कहा यदि बच्चों को बहुत जरूरी है तो इसके लिए मार्केट में ऐसे चशमा आ रहे हैं जो नुकसानदायक किरणों को कम कर देते हैं इनका प्रयोग मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते वक्त कर सकते हैं। ड्राई आई से बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। ओमेगा 3 का सेवन करें। आज का कम्पटीशन का युग ऐसे में मोबाइल से बचें। आंखों के लाभ के लिए गाजर, रंगीन फल, खासकर आंवला बहुत ही फायदेमंद है। यदि ज्यादा समस्या आती है तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।