पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप जैन ने वर्तमान सरकार को घेरते हुए कहा कि बुंदेलखंड गांव का प्रदेश है। यहां का अधिकांश व्यक्ति गांव में बसता है। आज गांव का हर एक व्यक्ति बहुत ज्यादा परेशान है। किसान विरोधी नीति उद्योगपतियों का केंद्रीयकरण और दूसरी तरफ महंगाई। ऐसे में आदमी पलायन को मजबूर है। लोग महानगर की ओर रूख कर रहे हैं। मनरेगा का लक्ष्य था गांव के व्यक्ति के गांव में ही काम मिले आज उसका भुगतान नहीं हो पा रहा। आज डीजल आसमान पर है। किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। सरकार यदि बुंदेलखंड का भला चाहती है तो अलग बुंदेलखंड राज्य बनाए नहीं तो अलग से बुंदेलखंड के लिए आर्थिक नीति बनाए ताकि यहां के लोगों को राहत मिल सके।