बिजली के निजीकरण पर चिंता जताते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी की। ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियरिंग फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने कहा कि प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण बिजली व्यवस्था चरमराती जा रही है। ऐसे समय में टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समाधान की आवश्यकता है। केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर और महेंद्र राय ने कहा कि बिजली कर्मियों का उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए और पहले की गई समस्त कार्रवाई वापस ली जाए। संघर्ष समिति ने पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के परिचालन एवं अनुरक्षण के निजीकरण की प्रक्रिया को जनविरोधी बताया। चेतावनी दी है कि यदि टेंडर प्रक्रिया वापस नहीं ली गई तो 13 मई को बिजली कर्मचारी, अभियंता, जूनियर इंजीनियर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और कार्यालय समय के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों का नियंत्रण निजी कंपनियों को देने के कारण उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ी हैं। मुख्य अभियंता कार्यालय में हुई सभा में संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सत्यदेव पाठक, अभियंता संघ के शाखा सचिव मोहम्मद मेहताब, जूनियर इंजीनियर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार, सूरज भान, हिमांशु आदि उपस्थित रहे।