जिला धर्माचार्य विष्णुदत्त स्वामी ने बताया कि अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल रविवार को पड़ रहा है। इस दिन परशुराम का प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन का किया गया दान-पुण्य अक्षय हो जाता है। इसीलिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करना चाहिए। विशेष रूप से मटका, सुराही, फल, कपड़े देने का महत्व होता है। कोई नए व्यापार की शुरूआत करना हो, वैवाहिक रस्में या वाहन लेना हो तो सबसे उपयुक्त दिन होता है। भगवान परशुराम का संकल्प लेकर पूजा अर्चना करने से दुखों और शुत्रओं से छुटकारा मिलता है साथ ही धन आगमन के रास्ते खुलते हैं।