स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग और डब्ल्यूजेसीएफ संस्था की तरफ से बुधवार को सीएचसी सवायजपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। प्रशिक्षण में भरखनी, हरपालपुर और सवायजपुर ब्लॉक के चिकित्सकों को टीबी निवारक चिकित्सा के अंतर्गत नए उपचार और प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। क्षय रोग निवारक चिकित्सा कार्यक्रम लखनऊ से आए डॉ. शमसुद्दीन खां ने बताया कि क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब मरीजों को दी जाने वाली पुरानी दवाओं के स्थान पर कुछ नई दवाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि क्षय रोग का उपचार, जो वर्तमान में छह माह तक चलता है, उसे घटाकर चार माह कर दिया जाए, ताकि मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें। उन्होंने टीबी प्रिवेंटिव थैरेपी के बारे में बताया और पोर्टल पर डेटा फीडिंग और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से बलगम सैंपल लेने की बारीकियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि टीबी उन्मूलन के लिए सही सैंपलिंग और समय पर जांच अनिवार्य है। संस्था के गौरव कुमार ने कहा कि सक्रिय क्षय रोगियों के संपर्क में आने वाले परिजनों और अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी बचाव की दवाएं दी जाएंगी। उन्होंने दवाओं की खुराक और वितरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। इस दौरान हरपालपुर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. सतेंद्र गौतम, डॉ. मुजीब अंसारी, डॉ. अजय यादव, डॉ. काजल ,डॉ. प्रीति पांडेय आदि मौजूद रहीं।