मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। यहां मरीजों को जरूरी जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पिछले एक सप्ताह से न तो अल्ट्रासाउंड हो रहा है और न ही सीने का एक्सरे। रेडियोलॉजी में डॉक्टर के छुट्टी पर होने की नोटिस चस्पा कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 1400 से अधिक मरीजों का उपचार होता है। जिसमें करीब 120 मरीजों को प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड जांच कराने का परामर्श दिया जाता है। मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने के लिए बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर रेडियोेलॉजिस्ट डॉ. प्रताप चंद्र मुनि व सीनियर रेजीडेंट के रूप में डॉ. हर्षा गारा की तैनाती की गई है। डॉ. प्रताप चंद्र बीते छह जून से छुट्टी पर हैं। वहीं डॉ. हर्षा गारा भी बीते 26 जून को छुट्टी पर चले गए। जिसके कारण अल्ट्रासाउंड ठप हो गया। अल्ट्रासाउंड कक्ष के सामने डॉक्टर के छुट्टी पर होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। जिससे मरीजों को बाहर से महंगी जांच करानी पड़ रही है। बिहुरी मोड़ बाबागंज से आई अनीता को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया था। लेकिन, अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद होने के कारण जांच नहीं हो सकी। अनीता ने बताया कि उनके पास बाहर से जांच कराने के लिए पैसे भी नहीं हैं। कौड़िया निवासी सावित्री देवी को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। कोविड अस्पताल में लगी सीने का एक्सरे व सर्वाइकल एक्सरे जांच करने वाली मशीन पिछले एक सप्ताह से खराब है। जिससे मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है।