अमर उजाला की ओर से स्कूलों में सिमटते खेल मैदान और ठप पड़ी खेल गतिविधियों को लेकर लगातार चलाए गए अभियान का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा मामले में स्पष्टीकरण तलब किए जाने के बाद शुक्रवार से जिले के कई विद्यालयों में खेल गतिविधियां दोबारा शुरू हो गईं। मैदानों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौट आई है और हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल सहित अन्य खेलों का अभ्यास शुरू हो गया है। विद्यालयों ने खेलों के लिए अलग से समय-सारिणी भी तय कर दी है, ताकि नियमित रूप से विद्यार्थियों को मैदान में खेलने का अवसर मिल सके। लंबे समय बाद मैदानों में खेलते हुए बच्चों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों का नियमित आयोजन होने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा। अमर उजाला ने पिछले कई दिनों से जिले के विद्यालयों में सिकुड़ते खेल मैदान, खेल संसाधनों की कमी और घटती खेल गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अभियान के बाद शासन स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। इसके तुरंत बाद विद्यालयों में खेल गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू हो गई।