गोंडा में दो साल से अपने घर के रास्ते के लिए संघर्ष कर रही सुतई पुरवा निवासी सूर्यकला को सोमवार को राहत की उम्मीद की किरण दिखाई दी। आयुक्त सभागार में आयोजित मां पाटेश्वरी देवी शक्ति संवाद में पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां किया। सूर्यकला ने अपर आयुक्त मीनू राणा से रोते हुए कहा कि गांव के कुछ दबंग लोग पिछले दो साल से उनके घर का मूल रास्ता बंद किए हुए हैं। इसके कारण उन्हें घर के पीछे से काफी लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंग लोग बेगारी करने का दबाव बनाते हैं और मना करने पर रास्ता नहीं देने की धमकी देते हैं। अपनी बात कहते-कहते सूर्यकला की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके साथ आई दो बहुएं भी भावुक हो गईं। सूर्यकला ने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई और कई बार राजस्व कर्मी भी गांव पहुंचे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला की पीड़ा सुनकर अपर आयुक्त मीनू राणा ने तुरंत तहसीलदार मनीष कुमार को तलब किया और मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि पीड़िता का रास्ता खुलवाने के लिए टीम भेजी जाए। इस पर तहसीलदार ने बताया कि अगले दिन लेखपाल को मौके पर भेजा जाएगा, जिस पर अपर आयुक्त ने निर्देश दिया कि सिर्फ लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार को भेजकर मामले का समाधान कराया जाए। अपर आयुक्त के इस आश्वासन के बाद सूर्यकला और उनके परिवार को उम्मीद जगी है कि तीन साल से बंद पड़ा उनका रास्ता अब जल्द ही खुल सकेगा।