गोंडा में ग्रीष्मावकाश के 27 दिन बाद मंगलवार को जिले के परिषदीय विद्यालय खुल गए, लेकिन पहले दिन अधिकांश स्कूलों में बच्चों की अनुपस्थिति ने गर्मी का हाल बयां कर दिया। कई विद्यालयों में छात्र नहीं पहुंचे, जबकि कुछ स्कूलों में शिक्षक भी समय पर नहीं मिले। दोपहर करीब 11 बजे प्राथमिक विद्यालय रानी पुरवा का निरीक्षण करने पर विद्यालय में शिक्षक तो मौजूद मिले, लेकिन एक भी छात्र दिखाई नहीं पड़ा। शिक्षकों का कहना था कि सात बच्चे विद्यालय आए थे, लेकिन समय से पहले घर लौट गए। विद्यालय खुलने के पहले दिन ही बच्चों की इतनी कम उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। वहीं प्राथमिक विद्यालय राधाकुंड में सुबह 11:20 बजे केवल दो रसोइया ही मौजूद मिलीं। विद्यालय परिसर में न तो कोई छात्र नजर आया और न ही कोई शिक्षिका। इससे विद्यालय संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हो गए। जिले के कई अन्य विद्यालयों में भी बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। शिक्षकों का कहना है कि भीषण गर्मी और अवकाश के बाद पहले दिन होने के कारण बच्चों की संख्या कम रही। अगले कुछ दिनों में उपस्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि पहले ही दिन कई विद्यालयों में छात्रों और शिक्षकों की अनुपस्थिति ने परिषदीय शिक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।