1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी नीलांबर खरवार और पीतांबर खरवार की शहादत दिवस पर शनिवार को सरजू पांडेय पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने दोनों वीरों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर खरवार ने 1857 की क्रांति में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन उनके योगदान को अभी तक समुचित स्थान नहीं मिल सका है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी गाजीपुर को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें जनपद में दोनों सेनानियों की मूर्ति स्थापना, एकलव्य विद्यालय खोलने तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग प्रमुख रही। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव कुंदन खरवार ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर खरवार स्वतंत्रता आंदोलन की नींव की ईंट थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी। आज उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनपद के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए। कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष शंभू कुशवाहा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़ों के अधिकारों की लड़ाई में नीलांबर-पीतांबर का योगदान अतुलनीय रहा है। उनके विचारों को अपनाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने किया। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।