गाजीपुर जिले के परमारथ नगर से बृहस्पतिवार को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। रथयात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए। पूरे मार्ग पर श्रद्धालु जय जगन्नाथ और हरि बोल के जयघोष लगाते हुए भगवान के रथ के साथ चलते रहे। रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष श्रृंगार किया गया। पूजन-अर्चन और महाआरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। इस अवसर पर भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का छप्पन भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं में नानखटाई और तुलसी दल का प्रसाद वितरित किया गया। दिनभर मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के माहौल से सराबोर रहा। रथयात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य तब रहा, जब श्रद्धालुओं ने रस्सियों के सहारे भगवान का रथ खींचा। पंडित सत्यम मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।