माघ मास की एकादशी के पावन अवसर पर पांचाल घाट गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में संतों की शोभायात्राएं बैंड बाजों के साथ बड़ी धूमधाम से निकाली गईं। संतों के जयकारों से गंगा मैया का तट गूंज उठा और पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया। शोभायात्रा में संतों के साथ बड़ी संख्या में कल्पवासी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। माघ की एकादशी के अवसर अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी खालसा क्षेत्र के संतों ने वैष्णव संप्रदाय संत समिति के अध्यक्ष मोहनदास की अध्यक्षता में बरगदिया घाट क्षेत्र से शोभायात्रा निकाली। यात्रा में हनुमान जी के पांच निशान लेकर संत आगे चल रहे थे। वहीं ठाकुर जी पालकी में विराजमान थे। श्रद्धालु पालकी के कंधों पर रख कर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। बैंड-बाजे की धुन पर भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा के दौरान संतों ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए। बरगदिया घाट के महंत विष्णुदास ने थाल को अंगुली पर रख कर चक्र की तरह नचा रहे थे। चक्र को देखने वाले श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संत जगदीश दास, निर्मोही झाड़ियां, फूलदास सहित अन्य संतों ने भी विभिन्न करतब प्रस्तुत किए, वहीं खिलाड़ी पवन कटियार अपने साथ कई छोटे खिलाड़ी को लेकर पहुंचे। स्वयं व बच्चों ने करतब दिखाए। करतब को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कल्पवासी शोभायात्रा में चावल व फूलों को चढ़ाकर स्वागत कर रहे थे। गंगा तट पर पहुंचकर हनुमान जी के निशानों का विधिवत गंगा स्नान कराया गया। इसके बाद परिक्रमा मार्ग से होते हुए शोभायात्रा आश्रम पहुंची, जहां ठाकुर जी को मंदिर में विराजमान किया गया। पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान गोपी बाबा, अयोध्यादास, फूलदास, दीनदयाल दास, गंगादास आदि संत काफी संख्या में संत मौजूद रहे।