स्व.वीपी राव मातृ मंदिर सामाजिक सेवा केंद्र सोहनरिया के परिसर में चल रहे श्रीमद्भगवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन दिन मंगलवार को वाराणसी से पधारे कथा वाचक आचार्य शशिकांत ने श्रीकृष्ण के अवतार, ध्रुव की तपस्या, प्रह्लाद की भक्ति और हीर्णकश्यपु का वध, गजराज का उद्धार, समुद्र मंथन, वामन अवतार की कथा, नरक और एकादशी व्रत की महिमा से जुड़ी कथा सुनाई। कथा का रसपान कराते हुए शशिकांत जी महाराज ने कहा कि भगवान खोजने से नहीं खो जाने से मिलते है।