चहनिया विकास खंड टांडाकला क्षेत्र अंतर्गत टांडाखुर्द गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। गांव की गलियों और सड़कों पर गंदगी का अंबार देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विभाग और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह लापरवाह है। वह महीने में केवल दो-तीन बार ही गांव में दिखाई देता है और बिना ढंग से साफ-सफाई किए ही वापस चला जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सार्वजनिक रास्तों और गलियों की सफाई न होने से चलना दूभर हो गया है। हैरानी की बात यह है कि गांव स्थित मंदिर परिसर की सफाई की जिम्मेदारी भी सफाई कर्मी नहीं निभा रहा है। श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर और उसके आसपास की सफाई ग्रामीणों को खुद करनी पड़ती है। ग्रामीण अपने घरों के सामने की गलियां तो साफ कर लेते हैं, लेकिन उचित निस्तारण न होने के कारण कूड़ा कई दिनों तक सड़कों पर ही पड़ा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे उच्चाधिकारियों का घेराव करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में मनीष पांडेय, सुनील यादव, कमला तिवारी, रामहरख तिवारी, ओम प्रकाश यादव, राजेंद्र अनिल मुन्ना बलवंत आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।