चंदौली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को बेहतर सुविधाएं देने के सरकारी दावे जमीनी हकीकत से काफी दूर नजर आ रहे हैं। चहनिया विकास खंड की कई ग्राम सभाओं में आज भी खेल मैदान या तो बने ही नहीं हैं, या फिर अवैध कब्जे, गंदगी और उपेक्षा के कारण उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। परिणामस्वरूप गांवों के बच्चे और युवा नियमित अभ्यास से वंचित हैं और उनकी प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम सभाओं में शामिल टांडाकला में करीब 10 हजार की आबादी निवास करती है, लेकिन आज तक यहां एक भी व्यवस्थित खेल मैदान विकसित नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान अमरेश मौर्य के प्रतिनिधि अमित कुमार सोनू के अनुसार गांव में जिला पंचायत की भूमि उपलब्ध है और उसे खेल मैदान के लिए देने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन कागजी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसके चलते बच्चों को अभ्यास के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है।