बदायूं में उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा। जिला अध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा ने कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। जबकि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक उस समय की सभी अर्हताएं पूरी कर चुके थे। 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले टीईटी जरूरी नहीं था। ऐसे में पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे लागू करना अनुचित है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर 10 अगस्त 2017 के संशोधित अधिनियम में बदलाव करे और 23 अगस्त 2010 की एनसीटी अधिसूचना से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। इस मौके पर महामंत्री फरहत हुसैन ने शिक्षकों से धैर्य रखने और संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।