मनरेगा का नाम बदलने और उसके स्वरूप में परिवर्तन किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बदायूं जिले में मोर्चा खोल दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष व 'मनरेगा बचाओ' अभियान की जनपद समन्वयक सुनीता सिंह, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुन्ना लाल सागर के संयुक्त नेतृत्व में रामलीला पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय उपवास रखा गया। उपवास प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक चला। ओमकार सिंह और सुनीता सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सुनियोजित ढंग से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश न केवल राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और सम्मानजनक जीवन का आधार है, लेकिन 'वीबी जी राम जी योजना' के माध्यम से इसकी मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था मनरेगा के अधिकार आधारित ढांचे को खत्म कर ठेकेदारी प्रथा और मनमानी को बढ़ावा देगी, जिससे ग्रामीण मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों, किसानों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी और किसी भी कीमत पर मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी।