बदायूं में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बदायूं स्थित सीएमओ कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा। संगठन की जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि डराने-धमकाने, दमन और उत्पीड़न के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिशें बेकार साबित होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक का वर्ष 2019 से अब तक का बड़ा हिस्सा बकाया है, जिसकी तत्काल अदायगी आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाए। साथ ही न्यूनतम वेतन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, ईएसआई, मातृत्व अवकाश, राष्ट्रीय एवं त्योहारी अवकाश अनुमन्य किए जाएं और सेवा पंजिका का निर्माण किया जाए। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करती रहीं।