बिजनौर के किरतपुर थानाक्षेत्र में गांव इस्लामपुर बेगा निवासी रूबी नाम की महिला गुरुवार को सरकारी अस्पताल पहुंची और चिकित्साधिकारी से एंटी स्केन वेनम डोज लगाने की मांग की। रूबी ने बताया कि वह एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) में कार्यरत है और रात में उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया। विभागीय साथियों ने उसे इलाज के लिए तत्काल अस्पताल भेजा। रूबी के अनुसार, वह पैर पर बंधा पट्टा भी दिखा रही थी लेकिन अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे झूठा करार दिया और इलाज से इनकार कर दिया। इसके विरोध में रूबी ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और न्याय की मांग की। इस पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद देशवाल ने बताया कि अस्पताल में 40 डोज एंटी स्केन वेनम मौजूद हैं और यदि किसी मरीज में सर्पदंश के लक्षण होते हैं, तो उसे तुरंत डोज दी जाती है। डॉ. देशवाल ने यह भी कहा कि महिला पूरी तरह स्वस्थ प्रतीत हो रही थी और अस्पताल में पिछले एक साल से सर्पदंश का कोई केस नहीं आया है। फिलहाल मामले को लेकर कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में प्राथमिक जांच और संवेदनशील मामलों की सुनवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।