प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बच्चों और अभिभावकों के बीच स्वस्थ संवाद होना जरूरी है, क्योंकि कई बार बच्चों की रूचि को पहचाने बिना ही हम उन पर भविष्य की जिम्मेदारियां थोप देते हैं। जिससे उनके ऊपर गैर जरूरी प्रेशर आता है। जिसका असर उनके भविष्य पर दिखता है। सनबीम स्कूल भदोही में शनिवार को अमर उजाला की मुहीम ''नई दिशा भविष्य की ओर पहला कदम'' के तहत आयोजित कार्यशाला में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. चिन्मय हर्ष ने यह बातें कही।