केंद्रीय गृहमंत्री की ओर से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के खिलाफ की गई टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। गृहमंत्री पर कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि एसडीएम अरूण गिरी को सौंपा। धरने को लेकर परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। मुख्य अतिथि मुख्य मंडल प्रभारी बैजनाथ गौतम ने कहा कि संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान गृह मंत्री की ओर से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के खिलाफ जो टिप्पणी की गई वह निंदनीय है। यह न केवल अशोभनीय है, बल्कि बाबा साहेब के प्रति गहरी असंवेदनशीलता और जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है। इससे बहुजन समाज के आत्म सम्मान एवं स्वाभिमान को ठेस पहुंचाइ गई है। पूर्व मंत्री एवं मुख्य मंडल प्रभारी कमलाशंकर भारती ने कहा कि गृह मंत्री का बयान अफसोसजनक है। जिला प्रभारी मोके यादव ने कहा कि आज पूरा देश बाबा साहब के बने संविधान पर चल रहा है। ऐसे में गृह मंत्री को कोई हक नहीं कि वह किसी भी तरह का बयान बाबा साहब पर दें। अध्यक्षता करते हुए हरिशंकर उर्फ दादा चौहान ने गृह मंत्री से माफी मांगने की मांग किया। कहा कि ऐसा न होने पर बसपा सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी। धरने में बड़ी सख्या में युवा डॉ. भीमराव आंबेडकर का चित्र एवं पोस्टर लेकर पहुंचे। सभी ने गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।