शहर में यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। सुबह 10 बजते ही शहर का यातायात रेंगने लगता है। पूरे दिन यही हाल रहता है। संकरा शहर होने की वजह से आगे एक भी बड़ी गाड़ी जाती है तो उसके पीछे लंबा जाम लग जाता है। वह गाड़ी जिस रफ्तार में चलती है,पीछे की ट्रैफिक भी उसी गति से आगे बढ़ती है। इस समस्या के निदान के लिए पालिका प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस हाथपांव मार रही है। मगर अभी तक प्रभावी उपाय नहीं हो पाया है। सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी का कहना है कि ई-रिक्शा का रूट निर्धारित होने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।