नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि इस कानून से भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है। यह कानून उन लोगों से संबंध रखता है, जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और बर्मा (म्यांमार) से आए हुए लोग जो अभी यहां रह रहे हैं। उनको अब तक नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाएगी। मौलाना ने कहा कि इस कानून के तहत लोगों को नागरिकता दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। इसलिए इससे मुसलमानों को घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है।