बरेली बवाल में एक और नया खुलासा हुआ है। पुलिस और खुफिया अमले ने पहले ही अंदेशा जताया था कि बरेली में उपद्रवी दूसरे जिलों और राज्यों से भी आए थे। इसकी तस्दीक उपद्रवियों की गिरफ्तारी के बाद हो गई है। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को कुल 14 उपद्रवी गिरफ्तार किए। इनमें से दो उपद्रवी बिहार के रहने वाले हैं।
इनमें हरमेन रजा और नेमतुल्ला बिहार के जिला पूर्णिया के निवासी हैं। एसपी सिटी ने बताया कि वह नौमहला मस्जिद में ही रह रहे थे। उपद्रव करने के बाद दोनों बिहार भागने की फिराक में थे तभी कोतवाली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा सोमवार को जेल भेजे गए दो आरोपी बिहार व पश्चिम बंगाल के निवासी थे।
पुलिस की जांच में पता लगा है कि बृहस्पतिवार रात जब नफीस व नदीम ने मौलाना से फोन पर बातचीत के बाद जनता के शहर न आने संबंधी पत्र जारी किया तो उसे पुलिस प्रशासन के अफसरों को देने के साथ ही आईएमसी के व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिया। तब अधिकारियों ने अनुरोध किया कि इसे आईएमसी के फेसबुक पेज पर भी डाल दें। तब नफीस ने यह पत्र अपने बेटे को भेजकर संगठन के फेसबुक पेज पर अपलोड करने को कहा। फरमान ने इस पत्र को अपलेड करके पोस्ट किया। पुलिस अधिकारियों ने इसी दौरान पांच मिनट बाद ही संगठन का फेसबुक पेज देखा तो वह पोस्ट फरमान डिलीट कर चुका था।फरमान ने शुक्रवार सुबह मौलाना तौकीर रजा का एक भड़काऊ बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पेज पर अपडेट किया था। इसमें मौलाना आई लव मोहम्मद की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोगों से चलो इस्लामिया, भरो इस्लामिया का आह्वान कर रहा है। वायरल वीडियो में मौलाना साफतौर पर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रहा है। कह रहा है कि कर्फ्यू लगा दीजिए, कोई परवाह नहीं है। निकलेंगे तो निकलेंगे। लाठी चलाओ, गोली चलाओ या कर्फ्यू लगाओ।