देवा मेला में हिंदू मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लोग जुटते हैं। क्योंकि यहां के सूफी संत हाजी वारिस अली शाह ने जो रब है वही राम है का संदेश पूरी दुनिया को दिया। मेला के पहले दिन ही सुबह यहां एक औघड़ साधू मजार पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह भगवान शिव के उपासक हैं और श्री लोधेश्वर महादेव धाम से जुड़े हैं। लेकिन 30 बरस से देवा भी आते हैं।