देवाशरीफ (बाराबंकी)। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की नगरी देवा में आज से विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक देवा मेला शुरू हो रहा है। शाम को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की पत्नी शैलजा त्रिपाठी परंपरागत रूप से शेख हसन गेट पर फीता काटकर और कबूतर उड़ाकर मेले का शुभारंभ करेंगी। मेले के आगाज के साथ ही देश-विदेश से जायरीनों का आगमन शुरू हो गया है। हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर जियारत के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह ने अपने पिता कुर्बान अली शाह और दादा मियां की याद में इस मेले की परंपरा की शुरुआत की थी, जो आज भाईचारे और अमन का प्रतीक बन चुकी है। देवा मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी है, जहां हर धर्म और मजहब के लोग एक साथ जुटते हैं। मेले में प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।