कारागार राज्यमंत्री और बाराबंकी के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने बृहस्पतिवार को बाराबंकी में जिला पंचायत सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर जी-राम-जी योजना लागू करने का उद्देश्य केवल इतना है कि यह योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार से मुक्त हो सके। मनरेगा के तहत देशभर में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले हुए हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी दिशा में सरकार ठोस प्रबंध कर रही है। कहा कि नाम बदलने से किसी भी योजना की मंशा या प्रभाव नहीं बदलता। सरकार का मूल लक्ष्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और जनता तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इस मौके पर मौजूद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी ने 'राम राज्य' का सपना देखा था, जहां न्याय, समानता और ईमानदारी हो। ऐसे में यदि योजना का नाम उसी भावना से जुड़ा है, तो किसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।