समाजवादी मजदूर सभा के बैनर तले बुधवार को जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नोएडा में चल रहे श्रमिक आंदोलन पर कथित दमन के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद महामहिम राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर श्रमिक विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि दमनात्मक कार्रवाई पर रोक नहीं लगी तो बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन वर्षों से हो रहे शोषण, कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां पूंजीपतियों के पक्ष में हैं, जबकि मजदूरों की अनदेखी की जा रही है। महंगाई के दौर में मजदूरों के लिए परिवार चलाना कठिन हो गया है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से नोएडा में दमनात्मक कार्रवाई पर रोक, गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई, राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों को श्रमिकों से मिलने की अनुमति, वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा की रिहाई और ₹26 हजार मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग की गई है। पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. भानु त्रिपाठी ने कहा कि यह आंदोलन लंबे समय से हो रहे शोषण का परिणाम है। वहीं पूर्व विधायक राम सागर अकेला ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। इस मौके पर सांसद राम शिरोमणि वर्मा, विधायक राकेश यादव, डॉ. सुनील चौधरी, कृष्ण कुमार गिहार, कैलाश यादव, इकबाल जावेद, मनीष सोनकर, सचिन मिश्र, अनिल दूबे, सुल्तान खान और बबलू मिश्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।