चार दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। जिले के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। छठ व्रतियों ने पुत्र के दीर्घायु व परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। राप्ती नदी के सिसई घाट, झारखंडी सरोवर पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ से मेले जैसा माहौल दिखा। चारों ओर सूप में विविध पकवान, फल, फूल, पान, सुपारी, रोड़ी, अक्षत, दूध इत्यादि पूजन सामग्री के साथ महिलाएं पूजन-अर्चन करने के लिए सूर्योदय का इंतजार करती रहीं। जैसे ही पूरब से सूर्य देव का दर्शन हुआ, उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। सभी ने भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने के साथ ही सविधि पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की और व्रत तोड़ा।