बलिया में निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे क्षेत्र के लगभग 10 गांवों के ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के चलते क्षेत्र के कछुआ और ओझा कछुआ गांव के बीचोंबीच एनएच 31 से होकर ढोडा साहू के पोखरा, बेदपाली, चंदवक आदि गांवों को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग को बंद किया जा रहा है। इससे करीब 25 हजार से अधिक की आबादी का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने की कगार पर है। एनएचएआई की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और इसके विरोध में छात्र नेताओं व ग्रामीणों ने तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे के कारण क्षेत्र के 8 से अधिक संपर्क मार्ग बाधित हो जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इसी मुख्य मार्ग से किसानों के ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। मार्ग बंद होने से फसलों और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के सामने परिवहन का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। स्कूली बच्चों को महज 200 मीटर की दूरी तय करने के बजाय अब 2 किलोमीटर का चक्कर लगाकर स्कूल जाना पड़ेगा। किसी मरीज के बीमार होने या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि ढोडा साहू के पोखरे पर पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के लोग छठ महाव्रत करते आ रहे हैं। वहीं, मुस्लिम बिरादरी के लोग भी वर्षों से इसी मार्ग से अपनी ताजिया लेकर निकलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एनएचएआई यहां केवल एक अंडरपास पुलिया का निर्माण करा दे, तो लोगों की आस्था सुरक्षित रहने के साथ-साथ कृषि कार्य भी सुलभ हो जाएगा। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के अधिकारियों ने धरातल पर आकर सही ढंग से सर्वे नहीं किया और गलत रिपोर्ट लगा दी। इसी लापरवाही के कारण अभी तक इन गांवों के लिए अंडरपास पुलिया की मंजूरी नहीं मिल सकी है, जिससे निर्माण कार्य बाधित है।