कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि देश में आधी आबादी महिलाओं की होने के बाद किसी दल ने उनके अधिकार के बारे में नहीं सोचा। महिलाओं के हक के बारे में किसी ने सोचा तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं। सदन में लंंबे समय तक सिर्फ चर्चा हुई, लेकिन इसे पारित करने का साहस किसी दल में नहीं हुआ। बिल पास होने से महिलाओं को बहुत लाभ होगा। जिस सदन में एक तिहाई महिलाएं होंगी, वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगी। मंत्री शुक्रवार की रात सुखपुरा में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत में बोल रहे थे। कहा कि 60 साल तक कांग्रेस का देश पर शासन था, तब क्यों नहीं जनगणना कराकर महिला आरक्षण बिल लागू किया। यूपी में एसआईआर की अंतिम सूची में मतदाताओं के नाम कटने के सवाल पर कहा कि जो लोग गुजर गए हैं, पहले सपा और कांग्रेस के लोग उनके नाम जुड़वा लेते थे। अब वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उन्हें परलोक से वापस लाकर दोबारा कैसे शामिल किया जाए।बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि उनपर जनता इस बार भरोसा नहीं कर रही है। कहा कि समाजवादी पार्टी के सरकार बनाने का जो सपने देख रही है। उसे सपने को हम पांच लोग मिलकर दफन कर देंगे। कहा कि आजमगढ़ की दसों सीट पर हम एनडीए को जिताने के प्रयास में लगे हैं। समाजवादी पार्टी के लोग कहते हैं कि हमारा गढ़ है और हम कहते हैं कि यहां सभी जातियों के लोग रहते हैं। खाली यादव नहीं रहते हैं, ब्राह्मण भी रहता है, राजपूत भी रहता है,यादव, पटेल, नाई, गोंड़ आदि जाती के लोग रहते हैं। कहा कि मैं अपनी पुरानी जहूराबाद से ही चुनाव लड़ूंगा। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन के प्रश्न पर कहा कि यह दिल्ली से तय होता है। सभी दल के लोग बैठकर तय करेंगे।