बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में बलिया निवासी राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद परिजन जहां उसको बेकसूर बता रहे हैं वहीं, राज सिंह पर पांच वर्ष पूर्व दिव्यांग अंडा दुकानदार अजित गुप्ता की हत्या का भी आरोप है। राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद दिव्यांग अंडा दुकानदार के पिता पारस गुप्ता ने बताया कि वह आतताई है। उसको किसी का खौफ नहीं है। रात के समय दुकान पर जाते समय उधार का पैसा मांगने के कारण बेटे अजित की गोली मारकर हत्या कर दी। राजनीतिक संरक्षण के कारण उस पर पुलिस ने कठोर कार्रवाई नहीं की। सिर्फ प्राथमिकी दर्ज कर खानापूर्ति की। सुलह के लिए लगातार दबाव बना रहा था। उसके डर से रास्ता मैं बदल देता था, परिवार के लोग उधर नहीं जाते थे। मोहल्लेवासी उससे डरते थे। राजनैतिक लोगो का उसके यहां आना जाना था, जिसके बल पर वह गुंडई करता था। राज सिंह का पुलिस एनकाउंटर कर दे या फांसी पर लटका दे। वह बेकसूर नहीं हो सकता। वह पैसे की भूख में कुछ भी कर सकता है। बेटे की मौत के बाद उसकी 13 वर्षीय बेटी और परिवार के अन्य सात सदस्यों की भरत पोषण की जिम्मेदारी मेरे बूढ़े कंधे पर है। किसी तरह परिवार की भरण पोषण करता हूं।