रुपईडीहा बहराइच। आज आदर्श नगर पंचायत रुपईडीहा के कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान नगर पंचायत के चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने अधिशाषी अधिकारी राम बदन यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिशाषी अधिकारी के असहयोग के कारण नगर पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं और प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। चेयरमैन डॉ. वैश्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लगभग छह महीनों से अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे कार्यालय का नियमित कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अभिलेख भी कार्यालय से अन्यत्र ले जाए गए हैं, जिसके कारण उन्हें किसी भी फाइल या दस्तावेज को देखने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शनिवार को ही नगर पंचायत कार्यालय का फर्नीचर, आलमारियां, आदि सामान भी यहां से उठा लिया गया, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। चेयरमैन ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से नगर पंचायत का कार्य पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया है और जनता से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। डॉ. वैश्य ने अधिशाषी अधिकारी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने सफाई कर्मियों के बीच गुटबाजी करा दी है। उनके अनुसार अधिशाषी अधिकारी की वजह से सफाई कर्मियों और सुपरवाइजर के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई, जिसके चलते कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक भी हुई थी। यह मामला थाने तक पहुंच गया था, हालांकि बाद में समझाने-बुझाने पर मामला शांत हो गया। चेयरमैन ने कहा कि नगर पंचायत के जरूरतमंद निवासियों को भी अधिशाषी अधिकारी की ओर से पुलिस कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे उनकी छवि जनता के बीच खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के अधिकांश कार्य अधिशाषी अधिकारी के असहयोग के कारण रुके हुए हैं। क्या कहते हैं अधिशाषी अधिकारी इस संबंध में जब नगर पंचायत रुपईडीहा के अधिशाषी अधिकारी राम बदन यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन पूरी घंटी जाने के बाद भी नहीं उठ सका। बाद में उन्होंने यह स्वीकार किया कि अभिलेख चोरी करके नहीं ले जाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में उन्होंने अपने लिपिक गंगा प्रताप सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया कि नगर पंचायत से संबंधित प्रपत्र नानपारा में रखे गए हैं। वहीं चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने यह भी कहा कि नगर पंचायत के लिपिक भी उन्हें पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं और अधिशाषी अधिकारी ने उन पर भी दबाव बनाकर अपने पक्ष में कर लिया है। इस पूरे मामले को लेकर नगर पंचायत में प्रशासनिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।