कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दशहरा मेले का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक धार्मिक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। शाम 5:54 बजे रावण दहन और लंका दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक इस पर्व के साक्षी बने। दशहरा मेले में राधा-कृष्ण, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की झांकियों के साथ अघोरी का सजीव चित्रण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन झांकियों की दर्शकों ने खूब सराहना की। रावण दहन से पूर्व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनसे मेले का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। मेले में सजीं खाने-पीने और खिलौनों की दुकानें दशहरा मेले में लोगों की सुविधा और मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए गए थे। मेले में खाजा, पानी-पुरी, बच्चों के खिलौने, गुब्बारे सहित अन्य सामानों की दुकानें सजी रहीं। बच्चों ने खिलौनों और गुब्बारों का आनंद लिया, वहीं लोगों ने खानपान के स्टालों पर खरीदारी की। मेले में परिवारों और बच्चों की अच्छी खासी मौजूदगी रही। मुख्य अतिथि सहित कई गणमान्य लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य उपस्थित रहे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष निर्मल अग्रवाल, मयूर अग्रवाल, संतोष वैश्य , वासु,और रामचंद्र अग्रवाल सहित कमेटी के पदाधिकारियों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा सभासद रतन अग्रवाल, सभासद प्रतिनिधि संजय कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, शैलेश जायसवाल संजय बंसल, नरेश मित्तल,सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। रामजानकी मंदिर रूपईडीहा के महंत भगवान दास जी की उपस्थिति भी रही। पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ मेला मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क रही। प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई, जिससे रावण दहन सहित सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। दशहरा मेले के सफल आयोजन के साथ कस्बे में पर्व का उत्साहपूर्ण समापन हुआ।