मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को महसी विधानसभा क्षेत्र के तेजवापुर स्थित बेड़नापुर रामलीला मैदान से बहराइच को 352 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि "बहराइच अब आकांक्षी जनपद नहीं, बल्कि विकास की नई पहचान बन रहा है।" मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला तथा महाराजा सुहेलदेव के सम्मान, सुशासन और कानून व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाया। कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बहराइच भू-माफिया और अवैध गतिविधियों के कारण बदनाम था लेकिन आज जिले की पहचान तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महाराजा सुहेलदेव को वह सम्मान दिलाया, जो पूर्ववर्ती सरकारें नहीं दे सकीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेले को बढ़ावा दिया, जबकि उनकी सरकार ने इस पर रोक लगाकर महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक और मेडिकल कॉलेज स्थापित कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाराबंकी-बहराइच फोरलेन परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कृषि के क्षेत्र में बहराइच देश में दूसरे और शिक्षा के क्षेत्र में चौथे स्थान पर पहुंचा है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक अपग्रेड करने, भरतपुर में विस्थापित परिवारों के लिए आवासीय कॉलोनी तथा अन्य विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, कानून व्यवस्था चरमरा गई थी और भ्रष्टाचार विकास पर भारी था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बिना जाति और तुष्टीकरण के सुशासन के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। "बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम है," उन्होंने कहा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जिले में मगरमच्छ और तेंदुए के हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन को जंगल से सटे गांवों में गश्त बढ़ाने, बिना दरवाजे वाले घरों में दरवाजे लगवाने तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि जनहानि रोकी जा सके। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, आईजी अशोक शुक्ला, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने व्यवस्थाओं की निगरानी की। जनसभा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग मौजूद रहे।