यूपी के बहराइच में बुधवार सुबह शिवपुर के मंगलपुरवा गांव में एक तेंदुआ पेड़ पर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। घटनास्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए जाल लगाकर उसे पकड़ा। लेकिन, रेंज कार्यालय नानपारा तक आते-आते तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। घटना ने वन विभाग की कार्यशैली और ग्रामीणों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहराइच वन प्रभाग के रेंजर के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे एक नर तेंदुआ पेड़ पर बैठा दिखाई दिया। उसकी उम्र लगभग 1.5 वर्ष थी। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल लगाया। करीब 11 बजे तेंदुआ जाल में फंसा और वन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। लेकिन, रेंज कार्यालय नानपारा तक आते-आते तेंदुआ मृत पाया गया। रेंजर पियूष गुप्ता ने पहले बयान दिया कि ग्रामीणों की भीड़ ने तेंदुए को पीटकर मार डाला। डीएफओ बहराइच सुंदरेसा ने मौके पर पुष्टि की है कि तेंदुआ अज्ञात कारणों से मृत पाया गया। कहा कि मौत के कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें ग्रामीणों और वन विभाग के बीच झड़प होती दिख रही है। ग्रामीणों की ओर से आरोप है कि तेंदुए को पकड़ने और रेस्क्यू करने में विलंब हुआ। वहीं वन विभाग की कार्यशैली और तेंदुए की मौत को लेकर संदेह बना हुआ है। डीएफओ का कहना है कि तेंदुए की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि तेंदुआ प्राकृतिक कारणों से मरा या किसी मानवीय हस्तक्षेप के कारण उसकी मृत्यु हुई। इस घटना ने न केवल वन्यजीव सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि ग्रामीणों और वन अधिकारियों के बीच विश्वास और संवाद पर भी प्रश्न खड़ा कर दिया है।