यूपी के बहराइच में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 44 वर्ष पुराना संजय सेतु अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुल में आए दिन खराबी आने से आवागमन प्रभावित हो रहा था और हादसों का खतरा भी बना रहता था। यह पुल देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों के साथ-साथ नेपाल को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जहां से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल की खराब हालत को देखते हुए उसके मरम्मत कार्य की शुरुआत कर दी गई है। मरम्मत के दौरान मुख्य पुल पर यातायात पूरी तरह बंद करना जरूरी हो गया था, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पीपा (पांटून) पुल बनाने का निर्णय लिया। अस्थायी पीपा पुल का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। तय समय सीमा को देखते हुए निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार वर्मा के अनुसार, पांटून पुल लगभग तैयार हो चुका है और 15 अप्रैल से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर अनंत मौर्य ने बताया कि पुराने संजय सेतु के नीचे एक दर्जन से अधिक मजदूरों और प्रेशर मशीनों की मदद से बेयरिंग बदलने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल से मुख्य पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद होने के बाद मरम्मत कार्य और तेजी से किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि वैकल्पिक पीपा पुल शुरू होने से लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और मरम्मत कार्य भी समय से पूरा हो सकेगा।