बड़ौत में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने यज्ञशाला का शिलान्यास किया और यज्ञ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और जीवन मूल्यों पर गहन विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि यज्ञ हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए। यज्ञ न केवल वातावरण की शुद्धि करता है, बल्कि मानव के मन और आत्मा को भी शुद्ध करता है। उन्होंने कहा कि इंसान को हमेशा मैत्रीभाव के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं विद्वान नहीं बल्कि विद्यार्थी हूं। विद्यार्थी का काम है लगातार पढ़ना और अध्ययन करना, और मैं वही करता हूं। अध्ययन मेरा शौक है और भारतीय संस्कृति पर मुझे गर्व है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि आस्था के बिना मुक्ति संभव नहीं है। भगवान हर किसी के अंदर आत्मा के रूप में वास करते हैं। मनुष्य को सोचने की शक्ति दी गई है और इस शक्ति का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञानी पुरुष अपने स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि समाज की भलाई के लिए मेहनत करता है। उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी संस्कृति की आलोचना नहीं करनी चाहिए। क्षमा और सहिष्णुता को बढ़ाने से ही व्यक्ति की असली पहचान बनती है। ज्ञान को हमेशा दूसरों के साथ साझा करना चाहिए। राज्यपाल ने लोकतंत्र पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि भारत की जनता कभी भी लोकतंत्र को कमजोर नहीं होने देगी। उन्होंने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।