समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने सोमवार को लोकसभा में देश की आर्थिक स्थिति और रुपये की गिरती कीमत को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार से देश की आर्थिक स्थिति और रुपये की मजबूती को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और ठोस जवाब देने की मांग की। सांसद ने वित्त मंत्री से पूछा कि क्या सरकार इस बात पर कायम है कि प्रधानमंत्री की साख रुपये के साथ गिर रही है। एक समय डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगभग 60 थी, जो अब गिरकर 94-95 के स्तर पर पहुंच गई है। धर्मेंद्र यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सरकार के दावे अलग होते हैं, जबकि नीतियां बनाते समय अलग रुख अपनाया जाता है। सरकार लगातार यह दावा करती है कि देश की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो गई है और विश्व में शीर्ष स्थानों पर पहुंच रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था पर जवाब देती हैं, तो रुपये की तुलना दक्षिण कोरिया की करेंसी “वोन”, थाईलैंड की “बात” और फिलीपींस की “पेसो” से की जाती है। सांसद ने कहा कि आखिर वह समय कब आएगा जब भारत की अर्थव्यवस्था और रुपये की तुलना डॉलर, पाउंड और यूरो जैसी मजबूत मुद्राओं से की जाएगी। यदि देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, तो विकसित देशों के समकक्ष पहुंचने की स्पष्ट समय सीमा भी बताई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह देश की आर्थिक स्थिति और रुपये की मजबूती को लेकर स्पष्ट और ठोस जवाब दे।