उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तैनात सीओ सदर पर उनके ही पति ने धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में सहायक प्रोफेसर डॉ. सत्यम ने मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी, जो सीओ पद पर तैनात हैं, उनसे अलग रह रही हैं और बातचीत करने पर उन्हें जेल भेजने की धमकी देती हैं।
डॉ. सत्यम ने बताया कि जून 2023 में उनकी शादी बलिया निवासी आस्था जायसवाल से हुई थी। अप्रैल 2024 में दोनों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उनका आरोप है कि बच्चे का नाम उनकी सहमति के बिना बदल दिया गया। पहले बेटे का सरनेम “गुप्ता” था, जिसे अब “जायसवाल” कर दिया गया है। उनका कहना है कि शादी के बाद उनकी पत्नी की विधिवत विदाई कभी नहीं हुई और अब वह उनसे अलग रह रही हैं।
डॉ. सत्यम ने बताया कि जब भी वह बात करने या रिश्ते को सुधारने की कोशिश करते हैं, उनकी पत्नी उन्हें चेतावनी देती हैं — “कायदे में रहो, वरना जेल भेज दूंगी।” उनका कहना है कि यह स्थिति उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में उन्होंने अदालत में तलाक के लिए आवेदन भी दे दिया है, लेकिन उनकी पत्नी न तो तलाक के लिए तैयार हैं और न ही साथ रहने को राजी हैं।
इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि यह पति-पत्नी का निजी मामला है। डॉ. सत्यम उनसे मिलने जरूर आए थे, लेकिन उन्होंने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ऐसे में फिलहाल इस पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।
मामले ने पुलिस विभाग और मेडिकल समुदाय दोनों में चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि यह विवाद एक महिला पुलिस अधिकारी और डॉक्टर पति के बीच के निजी मतभेद को सार्वजनिक मंच पर लेकर आया है।