रामनगरी में एक बार फिर विकास के नाम पर रेलवे लोगों का आशियाना गिराने की तैयारी में है। प्रयागराज और लखनऊ रेलवे लाइन के बीच से बाईपास रेल लाइन के निर्माण का विरोध हो रहा है। शनिवार को गद्दोपुर के सैकड़ों पुरुष और महिलाओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रेलवे व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने जिले के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उनका कहना था कि जब चुनाव का समय आता है तो वोट की राजनीति करने तमाम नेता आते हैं लेकिन जहां सैकड़ों लोग बेघर हो रहे हैं, वहां आज लोगों की समस्याओं को लेकर कोई साथ में खड़ा नहीं हो रहा है। भाजपा का जो हाल लोकसभा चुनाव में हुआ था, वही हाल 2027 में भी होगा। गद्दोपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले इस आंदोलन को अब बड़ा स्वरूप देने की तैयारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरफ से रेलवे लाइन जाती है तो पूरा इलाका दो हिस्सों में बट जाएगा। इससे लोगों की कृषि योग्य भूमि तो तबाह हो ही रही है, साथ ही सैकड़ों लोग बेघर हो रहे हैं। ऐसे में जिन्होंने अपने जीवन भर की कमाई लगाकर जमीन खरीदी और अपना आशियाना बनाया लेकिन अभी वह गृह प्रवेश भी नहीं कर पाए हैं और सरकार का उन्हें गिराने का आदेश आ गया है। महिलाएं रो रही हैं। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि अब वह कहां जाएं, क्या करें, कैसे अपने जीवन की गाड़ी को आगे ले जाएं। जब उनके पास में उनका न घर रह जाएगा, न जमीन रह जाएगी तो ऐसी स्थिति में उनके परिवार और बच्चों का क्या होगा। लोगों का यहां तक कहना है कि उनको यदि अपनी जान भी देनी पड़ी तो दे देंगे लेकिन अपना घर हरगिज नहीं गिरने देंगे। पूरी जिंदगी जिन्होंने अपना घर बनाने और संवारने में लगा दिया, एक झटके में ही उनका पूरा परिवार तबाही की कगार पर आ गया है।