भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अयोध्या के तपस्वी छावनी में सिंदूर पूजन किया गया। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर लगाकर सिंदूर पूजन किया। इस दौरान परमहंस आचार्य ने कहा कि जो ऑपरेशन सिंदूर सफल हुआ है, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। पहलगाम आतंकी हमले में बहनों का जो सिंदूर उजड़ा था, उसका जवाब हमारी सेना ने मुंह तोड़ दिया है। अब अगर पाकिस्तान कोई हरकत करता है तो हमारी सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। सिंदूर पूजन के दौरान हनुमान जी से प्रार्थना की गई कि हमारी सेना पर इसी तरह से हनुमान जी की कृपा बनी रहे। हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देती रहे। दरअसल युद्ध के हालात बनने पर अयोध्या के संतों ने सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए कई अनुष्ठान किए। धार्मिक अनुष्ठान के क्रम में रविवार को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सिंदूर पूजन किया गया। हमारे सनातन धर्म में सिंदूर का बड़ा महत्व है। सिंदूर को लेकर माता सीता जी के प्रति हनुमान जी के समर्पण की भावना धार्मिक ग्रंथों में भी उजागर होती है। जिस तरह से पहलगाम में बहनों की मांग उजड़ी तो सरकार ने भी इसका बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया और आज अयोध्या में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सिंदूर पूजन किया गया।