कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले ऐतिहासिक तिगरीधाम मेले में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। गंगा किनारे बुधवार शाम से पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करने वालों की भीड़ उमड़ने लगेगी। दीपदान की परंपरा नई नहीं है, बल्कि महाभारत काल के दौर से चली आ रही है। मान्यता है कि महाभारत काल के युद्ध के समय मारे जाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण की मौजूदगी में दीपदान किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।