गजरौला में गन्ने के खेत में राज्य पक्षी सारस का जोड़ा पाया गया। सारस का जोड़ा पाया जाना वन विभाग और प्रकृति प्रेमी लोगों के लिए अच्छी खबर है। सारस को राज्य पक्षी होने का गौरव प्राप्त है। पिछले कुछ सालों में तालाब अवैध कब्जे के कारण कम हो गए। वहीं झीलों का अस्तित्व भी खतरे में हो गया। सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 20 साल में गंगा की दो जल धारा विलुप्त हो गईं। पुराने लोगों महरपुर गुर्जर के प्रीतम सिंह, जल्लोपुर के पूर्व ग्राम प्रधान ओमकार सिंह का कहना है कि करीब दो दशक पूर्व हसनपुर तहसील क्षेत्र में तट बांध के किनारे गंगा बहती थी। आज वहां पर खेती हो रही है। बरसात के सीजन में ही पानी आता है। झीलों के अस्तित्व पर खतरा होने और तट बांध किनारे की जलधारा सूख जाने के कारण वन्य जीवों को बड़ा नुकसान हुआ। दशकों पूर्व सारस, सुरकाब से लेकर अन्य पक्षियों की भरमार रहती थी। पिछले साल नवंबर में वन विभाग ने सारस की गणना कराई तो जिले में एक भी नहीं पाई गई थी, लेकिन बुधवार को सारस का जोड़ा चंदनपुर के खेतों में विचरण करता पाया गया। जिसे देख हर कोई हैरत में रह गया। वन विभाग के एसडीओ नरेश कुमार जोशी का कहना है कि जिले में सारस का जोड़ा दिखाई देना प्रकृति के लिए अच्छा संकेत है।